37 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

फिल्म डायरेक्टर फराह खान पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप था। फराह ने अपने पॉपुलर शो ‘सेलिब्रेटी मास्टरशेफ’ में होली को ‘छपरियों’ का त्योहार बताया था। इसके बाद 20 फरवरी को हिंदुस्तानी भाऊ के नाम से मशहूर इंफ्लुएंसर विकास पाठक ने खार पुलिस स्टेशन में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा फराह के धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस
विकास पाठक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ के वकील, एडवोकेट अली काशिफ खान देशमुख का कहना है कि केस दर्ज कराए हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है, लेकिन अब तक पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। इसी वजह से उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
उन्होंने बताया कि रिट पिटीशन दाखिल कर पुलिस से एफआईआर दर्ज करने और बयान रिकॉर्ड करने की मांग की गई है।

पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया- एडवोकेट काशिफ
एडवोकेट अली काशिफ खान देशमुख ने ललिता कुमारी जजमेंट का हवाला देते हुए बताया- पुलिस के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। ललिता कुमारी के एक जजमेंट में कहा गया है कि अगर मामला साफ तौर पर बनता है, तो FIR दर्ज करना अनिवार्य होता है। लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से हमने कोर्ट में याचिका फाइल की है।

विकास पाठक हिंदुस्तानी भाऊ के नाम से मशहूर इंफ्लुएंसर हैं।
एडवोकेट ने कहा पुलिस से जवाब मांगे कोर्ट
एडवोकेट अली काशिफ खान देशमुख ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा, ‘हम फराह खान से या किसी से माफी नहीं चाहते। हमारी बस यही मांग है कि FIR दर्ज हो। कोर्ट जब इस याचिका को रजिस्टर करेगा, तो पुलिस से भी जवाब मांगा जाएगा कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या है पूरा मामला
दरअसल, ये पूरा विवाद ‘सेलिब्रेटी मास्टरशेफ’ शो के एक एपिसोड से शुरू हुआ। फराह इस शो की जज हैं। शो के एक एपिसोड में उन्होंने होली को लेकर कमेंट किया था। उन्होंने कहा कि सारे छपरी लड़कों का पसंदीदा त्योहार होली है। फराह का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना भी हुई। कुछ लोग उनसे माफी मांगने की मांग कर रहे हैं तो कुछ उन पर कार्रवाई करने की मांग। कुछ यूजर्स ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक को टैग करके कार्रवाई की मांग की थी।