40 मिनट पहले
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लेदर और नॉन-लेदर फुटवेयर इंडस्ट्री में अगले पांच साल में 1 मिलियन से भी ज्यादा नौकरियां होंगी। काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स यानी CLE के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आर सेल्वम ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में ये कहा है।
इस दौरान सेल्वम ने फुटवेयर इंडस्ट्री के एक्सपेंशन, ग्लोबल ट्रेंड्स और टार्गेट्स के बारे में भी बात की।

तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा लेदर एक्सपोर्टर
भारत में न सिर्फ अब हाई-क्वालिटी फुटवेयर बन रहे हैं बल्कि एक्सपोर्ट भी किए जा रहे हैं। लेदर, लेदर प्रोडक्ट्स और फुटवेयर का 40% एक्सपोर्ट करने वाला तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है।
ग्लोबल मार्केट में एथ्लेटिक या एथलेजर जूतों की डिमांड बढ़ी है। नाइकी, एडिडास और क्रॉक्स ने तमिलनाडु में प्रोडक्शन यूनिट्स लगाई हैं। इनकी सफलता की वजह से राज्य को इस सेग्मेंट में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी FDI लगातार मिल रहा है। आने वाले समय में तमिलनाडु स्पोर्ट्स और एथलेजर जूतों का मेजर एक्सपोर्टर हो सकता है।

डिग्री से लेकर सर्टिफिकेट तक कोर्स
फुटवेयर इंडस्ट्री में इंट्रेस्ट रखने वाले लोगों के लिए डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट तीनों कोर्सेज अवेलेबल हैं।
सर्टिफिकेट कोर्स | डिप्लोमा कोर्स | डिग्री |
सर्टिफिकेट इन फुटवेयर डिजाइन | डिप्लोमा इन फुटवेयर डिजाइन | बैचलर ऑफ डिजाइन (लेदर डिजाइन एट NIFT) |
सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन फुटवेयर मैन्यूफेक्चरिंग टेक्नोलॉजी | मास्टर्स ऑफ डिजाइन | |
सस्टेनेबल फुटवेयर स्पेशलिस्ट |
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