29 मिनट पहले
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नाना पाटेकर को मी टू केस मामले में मुंबई कोर्ट से राहत मिली है। उनके खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न का केस बंद हो गया है। कोर्ट ने तनुश्री दत्ता की उस याचिका को खारिज किया गया है, जिसमें उन्होंने नाना पाटेकर के खिलाफ चल रही जांच बंद करने के फैसले को चुनौती दी थी।
कोर्ट ने याचिका खारिज करते वक्त कहा कि एक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। एक्टर को इस मामले में क्लीन चिट मिल गई है।
देरी के लिए कोई कारण नहीं बताया गया
मुंबई के अंधेरी स्थित रेलवे कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट एनवी बंसल ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि एक्ट्रेस की तरफ से शिकायत सीमित समय अवधि के बाद दायर की गई थी और देरी का कोई कारण नहीं बताया गया है। इसलिए अब इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया जा सकता है। कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर इतने लंबे अंतराल के बाद देरी को स्वीकार किया जाता है तो यह न्याय की सच्चाई और समानता के सिद्धांत के खिलाफ होगा।
बता दें कि साल 2008 में तनुश्री ने नाना पाटेकर पर फिल्म ‘हॉर्न ओके’ के सेट पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। लेकिन इस मामले में 10 साल बाद 2018 में मी टू मूवमेंट के दौरान केस दर्ज किया गया था।
लेकिन तनुश्री दत्ता ने खबर को गलत बताते हुए अपने इंस्टाग्राम पर इससे जुड़ी कई स्टोरी शेयर की हैं।
एक्ट्रेस ने कहा नाना की पीआर टीम फेक न्यूज फैला रही
तनुश्री दत्ता ने इस मामले में इंस्टाग्राम पर कई स्टोरी शेयर कर अपनी बात रखी है। वो लिखती हैं- नाना पाटेकर की पीआर टीम हमारे पक्ष में आए अदालत के फैसले पर फेक न्यूज फैलाने की कोशिश कर रही है। मैं और मेरी कानूनी टीम ने केस जीत लिया है। और जो भी मीडिया हाउस पूरी तरह से झूठी कहानी को पब्लिश कर रहा है, उसे अदालत को जवाब देना होगा और वह उत्पीड़न मामले में पक्ष बन जाएगा।
अदालत ने 2008 में हॉर्न ओके प्लीज फिल्म के सेट पर हुई उत्पीड़न की घटना पर पुलिस द्वारा दायर बी-समरी रिपोर्ट को खारिज/रद्द कर दिया है/उसका संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है।
नाना पाटेकर ने बी समरी भरकर खुद पर केस बंद करने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसलिए केस अभी भी खुला है और पुलिस को नाना के खिलाफ केस में चार्जशीट दाखिल करनी होगी।

पुलिस ने रिपोर्ट में कहा कुछ नहीं मिला
साल 2019 में पुलिस ने इस मामले में जांच करने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी अंतिम रिपोर्ट दायर की। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी जांच में किसी भी आरोपी के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। एक्ट्रेस की तरफ से फाइल एफआईआर झूठी पाई गई है। ठोस सबूत ना मिलने पर ऐसी रिपोर्ट को बी-समरी रिपोर्ट कहा जाता है।
तनुश्री ने उसी वक्त उस पुलिस रिपोर्ट के खिलाफ याचिका दायर कर कोर्ट से बी-समरी को खारिज करने की रिक्वेस्ट की थी। साथ ही, अपनी शिकायत पर जांच को आगे बढ़ाने का आग्राह किया था।