43 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

भारत के सबसे सफल टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने अपने 26 साल लंबे इंटरनेशनल करियर को अलविदा कह दिया है। 5 बार के ओलिंपियन शरत का चेन्नई में संपन्न ‘वर्ल्ड टेबल टेनिस स्टार कंटेंडर’ आखिरी टूर्नामेंट रहा।
अचंत शरत कमल ने 5 फरवरी, 2025 को पेशेवर टेबल टेनिस से संन्यास की घोषणा की थी। 42 साल के शरत ने भारत के लिए 7 गोल्ड समेत 13 कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल जीते। वे 10 नेशनल टाइटल जीतने वाले देश के पहले टेबल टेनिस खिलाड़ी रहे।

शरत के पिता श्रीनिवास राव और चाचा मुरलीधर राव दोनों टेबल टेनिस खिलाड़ी रहे और बाद में कोच बने। इन्ही दोनों ने शरत को टेबल टेनिस की बेसिक ट्रेनिंग दी। महज 15 साल की उम्र में उन्हें एक बेहद जरूरी फैसला करना था, वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें या टेबल टेनिस में करियर बनाएं। उन्होंने खेल को चुना, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

16 वर्ष की उम्र में, अचंत शरत कमल ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की और स्टेट लेवल कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया। पेशेवर टेबल टेनिस में कदम रखने के बाद से ही शरत कमल शानदार फॉर्म में रहे हैं।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सफलता के बाद, शरत कमल ने नेशनल लेवल पर कदम रखा। उन्होंने 2002 के नेशनल गेम्स ऑफ इंडिया में सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स कॉम्पिटिशन में ब्रॉन्ज मेडल जीता, इसमें उनकी जोड़ी प्रदीरा तिरुवेंगडम के साथ थी।
2002 में नेशनल चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई
आखिरकार, 20 साल की उम्र में शरत को साल 2002 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले नेशनल टीम से पहली बार बुलावा आया। यहां उन्हें 16-सदस्यीय संभावित प्रशिक्षण शिविर के लिए चुना गया था। शरत ने 2002 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि फाइनल में उन्हें हार जरूर मिली लेकिन इसके बावजूद उन्हें नेशनल टीम में शामिल कर लिया गया।

शरत कमल ने 2003 में अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता।
शरत कमल ने 2004 कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किया। फिर, 2004 एथेंस ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने के बाद उनका करियर का ग्राफ अपने चरम पर पहुंच गया। इस पॉइंट के बाद से शरत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
कॉमनवेल्थ गेम्स में 7 गोल्ड समेत 13 मेडल जीते
शरत ने कुल 5 कॉमनवेल्थ गेम्स खेले हैं। इन गेम्स में उन्होंने अब तक 7 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज सहित कुल 13 मेडल जीते हैं।
- 2006 मेलबर्न- पुरुष एकल में गोल्ड मेडल और पुरुष टीम में गोल्ड मेडल।
- 2010 दिल्ली- पुरुष एकल में ब्रॉन्ज, पुरुष युगल में गोल्ड मेडल और पुरुष टीम ब्रॉन्ज मेडल।
- 2014 ग्लासगो- पुरुष युगल में सिल्वर।
- 2018 गोल्ड कोस्ट- पुरुष एकल में ब्रॉन्ज मेडल, पुरुष युगल (जी. साथियान के साथ) में सिल्वर मेडल और पुरुष टीम में गोल्ड मेडल।
- 2022 बर्मिंघम- पुरुष एकल में गोल्ड मेडल, पुरुष युगल (जी. साथियान के साथ) में सिल्वर मेडल, पुरुष मिश्रित युगल (श्रीजा अकुला के साथ) में गोल्ड मेडल और पुरुष टीम में गोल्ड मेडल।

एशियन गेम्स मे भी 2 मेडल शरत के नाम हैं।
एशियन गेम्स में भी दो मेडल ब्रॉन्ज शरत कमल के नाम है। उन्होंने साल 2018 जकार्ता में हुए एशियन गेम्स की पुरुष टीम और मिक्स्ड टीम में 1-1 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
टोक्यो ओलिंपिक में तीसरे राउंड तक पहुंचे थे कमल
शरत कमल ने 2004, 2008, 2016, 2020 और 2024 ओलिंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, वे ओलिंपिक में पदक नहीं जीत सके, लेकिन उनकी निरंतरता और प्रदर्शन ने उन्हें खेल जगत में सम्मान दिलाया।
- 2004 एथेंस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- 2008 बीजिंग ओलिंपिक में क्वालीफाई किया लेकिन कोई मेडल नहीं जीत सके।
- 2016 रियो ओलिंपिक में पहले दौर में बाहर हुए।
- 2020 टोक्यो ओलिंपिक- तीसरे दौर तक पहुंचे।
- 2024 पेरिस ओलिंपिक – पहले दौर में बाहर हुए।
10 बार के नेशनल चैंपियन रह चुके हैं कमल
अचंत शरत कमल भारत के सबसे सफल टेबल टेनिस खिलाड़ी माने जाते हैं। उन्होंने 10 बार नेशनल चैंपियनशिप जीता है। वे 2003, 2004, 2006, 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2015, 2022 के नेशनल चैंपियन हैं।
टेबल टेनिस में खेल रत्न पाने वाले पहले भारतीय

साल 2022 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (दाएं) ने शरत को खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
साल 2004 कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में पहला इंटरनेशनल मेडल हासिल करने के बाद शरत को अर्जुन पुरस्कार मिला था। वहीं, साल 2019 में उन्हें पद्म श्री दिया गया। इसके बाद, साल 2022 में शरत को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे टेबल टेनिस में खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय हैं।
ये खबर भी पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान प्रतापगढ़ी पर दर्ज FIR रद्द की: कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं; जाने कंप्लीट प्रोफाइल

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार, 28 मार्च को कांग्रेस राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया। ये मामला उनके इंस्टाग्राम पोस्ट से जुड़ा था, जिसमें ‘ऐ खून के प्यासे बात सुनो’ कविता के साथ एक वीडियो क्लिप साझा की गई थी। पूरी खबर पढ़ें…